7 ऐसे देश जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों को देते हैं फ्री एजुकेशन 

ऐसे देश जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों को देते हैं फ्री एजुकेशन 


विदेश में पढ़ने का सपना हर किसी का होता है और अगर ऐसे में फ्री एजुकेशन मिल जाएं तो ‘सोने पर सुहागा’ वाली कहावत होती हुई पूरी लगती है | इसलिए आज हम आपको इस ब्लाॅग में बताएंगे 7 ऐसे देश जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों को देते हैं फ्री एजुकेशन | अगर आप बाहर पढ़ने का सपना देखते हैं तो भारत के बाहर कुछ ऐसे देश हैं जो फ्री में एजुकेशन प्रोवाइड करती है | इसलिए अब से आपको पैसों की चिंता करने की जरुरत नहीं है | क्योंकि ये देश आपकी पढ़ाई करवाने में पूरी मदद करेंगे |

विदेश में पढ़ाई का विकल्प चुनने से आप दुनिया को एक्सप्लोर कर सकते हैं | वहां आपको नए देशों को पूरी तरह से नई गतिविधियों और रिवाजों को एक्सपीरियंस करने का अवसर मिलेगा |

दरअसल जब आप दुनिया को एक्सप्लोर करते हैं तो आपकी यात्रा आपको हर तरह के लोगों के साथ बातचीत करने में मदद करती है | जिससे आपके सोचने का दायरा अलग हो जाता है | यह विदेश में पढ़ाई करने के शीर्ष लाभ में से एक है | जिससे आप विदेश में बेहतर करियर विकल्प भी चुन सकते हैं | विदेश की कई यूनिवर्सिटीज है जो बेहतर कोर्स के साथ-साथ छात्रवृत्तियां भी देती हैं | यहीं नहीं विदेश की यूनिवर्सिटीज बेहतरीन शिक्षा पर फोकस करती हैं | इसके साथ-साथ आपको ये भी जानना बेहद जरुरी है कि आखिर कनाडा के 6 Best College कौन सी है | 

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चलिए जानते है 7 ऐसे देश जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों को देते हैं फ्री एजुकेशन 

1. जर्मनी (Germany)

जब हाइयर एजुकेशन के लिए कम या बिल्कुल भी पैसे न लगाने की बात आती है, तो ऐसे में वहां जर्मनी सबसे ऊपर आता है | जर्मन डोमेस्टिक यूनिवर्सिटी में अध्ययन करने वाले अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू छात्रों को ट्यूशन फीस का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है | फिर भी, कुछ विश्वविद्यालय छात्रों को यूनिवर्सिटी और कार्यक्रम के आधार पर, प्रशासन की लागत को कवर करने के लिए 1277-34072 रुपयों की राशि का भुगतान करने के लिए कहते हैं |

इसके अलावा, अगर छात्र ऐसे देश से आते हैं जहां छात्र वीजा की आवश्यकता है, तो उन्हें यह साबित करना होगा कि उनके पास हर साल 871905 रुपए या रहने के खर्च के लिए 72403 रुपए प्रति माह का बजट है |

आपको बता दें, जर्मनी में 350 से ज्यादा सरकारी यूनिवर्सिटी है | जबकि, यहां के सरकार के नीति में ये है कि जर्मनी की यूनिवर्सिटी ट्यूशन फीस नहीं लेती हैं | जर्मनी में अच्छी पढ़ाई की एक और वजह है कि इसका शानदार पाठ्यक्रम है |

2. नाॅर्वे (Norway) 

नॉर्वे में डोमेस्टिक यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में कोई एजुकेशन शुल्क नहीं है | लेकिन छात्रों को एडमिशन के लिए एक छोटा सा शुल्क देना पड़ता है | दूसरी ओर प्राइवेट विश्वविद्यालयों में छात्रों को ट्यूशन फीस देनी पड़ती है, जो संस्थान और डिग्री पर निर्भर करती है | वहीं, देश में रहने के लिए एक महंगी जगह होने के बावजूद, मुफ्त शिक्षा ने नाॅर्वे को अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच सबसे लोकप्रिय देशों की सूची में डाल दिया है | 

देश के डोमेस्टिक विश्वविद्यालयों को सरकार द्वारा फंड दिया जाता है | इसलिए, अंतर्राष्ट्रीय छात्र मुफ्त शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं | नाॅर्वे में स्नातक,स्नातकोत्तर और डाॅक्टरेट स्तर के कार्यक्रम बिल्कुल मुफ्त हैं, चाहे आपकी राष्ट्रीयता कुछ भी हो |

नाॅर्वेजियन शिक्षा विभाग ने घोषणा किया है कि, ऑटम 2023 सेमेस्टर से ईईए और स्विट्जरलैंड के बाहर के छात्रों के लिए ट्यूशन फीस शुरु की जाएगी | यह प्रस्ताव मूल रुप से अक्टूबर 2022 में लिया गया था | जब शिक्षा मंत्रालय ने 2023 के राष्ट्रीय बजट के हिस्से के रुप में योजना का अनावरण किया था | 

3. स्वीडन (Sweden)

स्वीडन में अधिकांश विश्वविद्यालय डोमेस्टिक हैं | आपको बता दें, यूरोपीय संघ/ईईए और स्विट्जरलैंड के छात्रों से ग्रेजुएट और मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए ट्यूशन फीस नहीं ली जाती है | दूसरी ओर, पीएचडी छात्र, स्वीडन में मुप्त में अध्ययन कर सकते हैं और अपने शोध कार्य के लिए देश द्वारा प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता से भी लाभ ले सकते हैं |

जिन लोगों को अध्ययन के अलावा दूसरे किसी वजहों से स्वीडन में अस्थायी निवास प्रदान किया गया है | उन्हें आवेदन या शिक्षण शुल्क का भुगतान नहीं करना है | हालांकि, जिन छात्रों को पढ़ाई के लिए अस्थायी निवास प्रदान किया गया है, उन्हें आवेदन और शिक्षण शुल्क का भुगतान करना होगा |

4. ऑस्ट्रिया (Austria)

गैर ईयू/ईईए छात्रों को प्रति सेमेस्टर 62181 रुपयों के मामूली शिक्षण फीस का भुगतान करना होगा | इतने खूबसूरत और महंगे देश में इतनी कम फीस आपके विदेश में पढ़ने के सपने को पूरा कर सकती है | अगर आप डोमेस्टिक यूनिवर्सिटी से पढ़ते हैं | तो आपको केवल छात्र संघ और छात्र बीमा का 1533 रुपए का योगदान देना होगा | लेकिन अगर आप अपनी स्नातक डिग्री के लिए आठ सेमेस्टर से ज्यादा और अपने मास्टर के लिए छह से ज्यादा सेमेस्टर का अध्ययन करते हैं, तो आपसे प्रति सेमेस्टर 30664 रुपए का शुल्क लिया जाएगा |

अगर आप मास्टर करना चाहते हैं तो ऑस्ट्रेलिया में मास्टर की पढ़ाई करने की आवश्यकताओं में IELTS और TOEFL जैसे अग्रंजी भाषा प्रवीणता परीक्षण, वत्तीय क्षमता को दर्शाने वाले बैंर स्टेटमेंट के साथ एक उद्देश्य विवरण और एक विदेशी स्वास्थ्य कवर शामिल है | 

5. फिनलैंड (Finland)

अभी शिक्षा प्रणाली को भी पूरी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ में से एक माना जाता है | देश में कई विश्वविद्यालय मुफ्त शिक्षा प्रदान करते हैं क्योंकि उन्हें सरकार द्वारा फंड दिया जाता है। यूरोपीय संघ के देशों से आने वाले छात्र किसी भी कार्यक्रम में फिनलैंड में मुफ्त में अध्ययन कर सकते हैं | जबकि गैर-यूरोपीय संघ के छात्र जो अंग्रेजी में अध्ययन करना चाहते हैं | उन्हें ट्यूशन फीस का भुगतान करना होगा |

छात्रों को केवल यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास आवास, रहने के खर्च, किताबें और अन्य खर्चों को कवर करने के लिए पार्याप्त बजट है | दरअसल फिनिश सरकार युवा फिन्स को काॅलेज शिक्षा देने की कुल लागत का 96 प्रतिशत भुगतान करती है | आपको बता दें, फिनिश यूनिवर्सिटी में लगभग सभी घरेलू छात्र ट्यूशन में कुछ भी भुगतान नहीं करते हैं | दुनिया के किसी भी विकसित अन्य देश की तुलना में फिनलैंड यूनिवर्सिटी को ज्यादा सब्सिडी देता है |

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Shruti Suman

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